येरूसलम के अल-अक्सा मस्जिद पर यूनेस्को का प्रस्ताव

UNESCO proposed mosque on Jerusalem's Al -aksa

येरूसलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद, मक्का तथा मदीना के बाद इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है।

  • 12 अक्टूबर, 2016 को अल-अक्सा मस्जिद पर, 195 सदस्यीय यूनेस्को (स्थापना-16 नवंबर, 1945) के कार्यकारी बोर्ड ने एक प्रस्ताव पारित किया।
  • इस प्रस्ताव का शीर्षक ‘कब्जाग्रस्त फिलिस्तीन’ (Occupied Palestine) है।
  • इस प्रस्ताव के कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं-
    (i) मुगरबी चढ़ाई (Mugarabi Ascent) को अल-अक्सा मस्जिद का अभिन्न हिस्सा घोषित किया गया है।
    (ii) पूर्वी येरूसलम में यूनेस्को के महानिदेशक द्वारा एक स्थायी प्रतिनिधि की नियुक्ति के प्रस्ताव को दुहराया गया।
    (iii) यह प्रतिनिधि वहां पर यूनेस्को की भूमिका के संदर्भ में रिपोर्ट देगा। इस प्रस्ताव को पूर्व में इस्राइल द्वारा अस्वीकार किया जा चुका है।
    (iv) अल-खलील (हेब्रान) और बेथलहम में स्थित दो मकबरों पर फिलिस्तीन के एकाधिकार को मान्यता प्रदान की गई है।
    (v) यूनेस्को के सम्मेलनों, निर्णयों एवं प्रस्तावों के अनुसार, इस्राइल का दायित्व है कि वह पूर्वी येरूसलम और विशेषकर पुराने शहर में हो रहे निर्माण कार्य एवं खुदाइयों को बंद कर दे।
  • इस प्रस्ताव का जहां एक ओर फिलिस्तीन ने स्वागत किया है वहीं दूसरी ओर इस प्रस्ताव के विरोध में इस्राइल ने यूनेस्को के साथ अपने सहयोग को समाप्त करने की घोषणा की है।
  • वर्तमान में अल-अक्सा मस्जिद और डोम ऑफ आर्क को सम्मिलित रूप से माउंट टेम्पल के नाम से जाना जाता है। इस पर मुस्लिम वक्फ़ बोर्ड का नियंत्रण है। वक्फ़ बोर्ड ने इस स्थान को यहूदियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
  • ऐसी मान्यता है कि यहूदी परंपरा के अनुसार, यहीं पर एक बार फिर टेम्पल माउंट का निर्माण किया जाना है और इस्राइल इसके लिए प्रयत्नशील है।

इस्राइल-फिलिस्तीन विवाद

  •  इस्राइल मिस्र, लेबनॉन, सीरिया व जॉर्डन से घिरा हुआ देश है।
  • इस्राइल की स्थापना मई, 1948 में फिलिस्तीन के विभाजन के फलस्वरूप हुई थी।
  • स्थापना के तुरंत बाद अरब राष्ट्रों ने इस्राइल पर आक्रमण कर दिया। इस युद्ध में इस्राइल विजयी रहा।
  • वर्ष 1967 में अरब-इस्राइल युद्ध हुआ।
  • इस युद्ध में अरब देशों की पराजय हुई।
  • इस्राइल ने जॉर्डन के पश्चिमी भाग (वेस्ट बैंक), सीरिया के गोलन पहाड़ियों (गोलन हाइट्स) व मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया।
  • वर्ष 1978 में मिस्र ने इस्राइल को मान्यता दी, जिसके बदले में इस्राइल ने स्वेज नहर का पूर्वी भाग (सिनाई प्रायद्वीप) खाली कर दिया।
  • इस्राइल व अरब देशों के मध्य कई विवाद हैं। जैसे-वेस्ट बैंक क्षेत्र में बनाई गई इस्राइली बस्तियां, लेबनान के दक्षिणी भाग पर अवैध कब्जा, निकटवर्ती देशों में लाखों फिलिस्तीनी शरणार्थी इत्यादि।
  • येरूसलम को राजधानी बनाए जाने को लेकर भी विवाद है।
  • येरूसलम तीन धर्मों यहूदी, इस्लाम तथा ईसाई के लिए पवित्र स्थल है।
  • इस्लामी मान्यता के अनुसार, यहीं से मोहम्मद साहब ने स्वर्ग की ओर प्रस्थान किया था। अतः अरब राष्ट्र इसके भाग पर अधिकार चाहते हैं ताकि वे अपने धर्मस्थलों की सुरक्षा कर सकें।

लेखक-श्याम सुन्दर यादव