मॉरीशस को तीव्र गश्ती पोत की आपूर्ति

Supply of fast patrol gun to Mauritius

मार्च, 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरीशस यात्रा के दौरान भारत सरकार की ऋण सहायता के तहत गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता द्वारा निर्मित अपतटीय गश्ती पोत ‘बर्राकुडा’ (Barracuda)को मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल को सौंपा गया था। यह किसी भारतीय शिपयार्ड द्वारा निर्यात किया जाने वाला पहला युद्धपोत था।

  • भारत-मॉरीशस रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाते हुए 30 अप्रैल, 2016 को तीव्र गश्ती पोत (Fast Patrol Vessel) ‘एमसीजीएस वैलियंट’ (MCGS Valiant) की आपूर्ति भारत द्वारा मॉरीशस को कर दी गई।
  • इस पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन एवं निर्मित किया गया है।
  • यह ऐसा दूसरा तीव्र गश्ती पोत है जिसकी आपूर्ति भारत द्वारा मॉरीशस को की गई है।
  • इसक पूर्व सितंबर, 2016 में भारत ने मॉरीशस को तीव्र गश्ती पोत ‘एमसीजीएस विक्ट्री’ (MCGS Victory) सौंपा था।
  • उल्लेखनीय है कि एमसीजीएस वैलियंट के निर्माण हेतु भारत एवं मॉरीशस के मध्य मई, 2014 में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे तथा इसका निर्माण मई, 2015 में प्रारंभ हुआ था।
  • 2 फरवरी, 2017 को इस पोत का जलावतरण संपन्न हुआ था।
  • इस पोत को मुख्यतः तटीय गश्ती, समुद्री डकैती-रोधी, तस्करी-रोधी, अवैध शिकार- रोधी आदि अभियानों में प्रयोग किया जाएगा।
  • 50 मीटर लंबा यह पोत 37.3 नॉट की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम है।

ICGS वरद सेवामुक्त

तटरक्षक पोत ‘वरद’, ‘विक्रम श्रेणी’ (Vikram Class) का अपतटीय गश्ती पोत है जिसे 27 वर्षों की सेवा के पश्चात 28 अप्रैल, 2017 को भारतीय तटरक्षक बल से सेवामुक्त कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस पोत की भारतीय तटरक्षक बल में तैनाती वर्ष 1990 में हुई थी। यह पोत अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह क्षेत्र में तैनात था। दिसंबर, 2016 में चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ (Vardah) के चेन्नई तट से टकराने के पश्चात उत्पन्न हुई आपातकालीन स्थिति में इस पोत ने राहत एवं बचाव अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लेखक-सौरभ मेहरोत्रा