मॉरीशस के प्रधानमंत्री की भारत-यात्रा

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भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंध अतीत से ही सौहार्द्रपूर्ण रहे हैं। 1834 ई. में जब ब्रिटेन के उपनिवेश रहे मॉरीशस में भारतीय मजदूरों का पहला समूह पहुंचा था तब से ही मॉरीशस के साथ भारत के संबंधों की शुरुआत मानी जाती है। मॉरीशस की कुल जनसंख्या का लगभग 68 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारतीय मूल का है। यही दोनों देशों के मध्य आपसी संबंधों का सबसे मजबूत आधार है। यही कारण है कि प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा हेतु भारत को ही चुना। मॉरीशस के प्रधानमंत्री की इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद की जा रही है।

  • 26 मई, 2017 को मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ (Pravind Kumar Jugnauth) तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए।
  • यात्रा के दौरान 27 मई, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री जगन्नाथ के बीच नई दिल्ली में शिष्टमंडल स्तर की वार्ता संपन्न हुई।
  • इस वार्ता के पश्चात निम्नलिखित चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए-
    (i) भारत द्वारा मॉरीशस को 500 मिलियन डॉलर के ऋण की घोषणा के साथ-साथ हिंद महासागर परिक्षेत्र में समुद्री सुरक्षा हेतु समझौता।
    (ii) समुद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में समझौता।
    (iii) मॉरीशस द्वारा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के अनुसमर्थन से संबंधित समझौता।
    (iv) मॉरीशस में एक सिविल सर्विसेज कॉलेज की स्थापना हेतु समझौता।
  • 27 मई, 2017 को मॉरीशस गणराज्य के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की।
  • भारतीय राष्ट्रपति ने कहा कि मॉरीशस दूसरा देश था, जहां की यात्रा उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद की थी।
  • भारतीय राष्ट्रपति ने इस तथ्य पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मॉरीशस विशेष आर्थिक पैकेज सहायता का उपयोग मेट्रो एक्सप्रेस, सुप्रीम कोर्ट भवन, ईएनटी अस्पताल का निर्माण, डिजिटल टेबलेट की आपूर्ति और सामाजिक आवास योजना के लिए कर रहा है।
  • उन्होंने कहा कि ईईजेड निगरानी, समुद्री लुटेरों के खिलाफ संयुक्त निगरानी, हाइड्रोग्रॉफी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व सुरक्षा कायम रखने में सहायता प्रदान करेगा।
  • ज्ञातव्य हो कि भारत ट्राइडेंट परियोजना के माध्यम से मॉरीशस के राष्ट्रीय तट रक्षक की क्षमता बढ़ाने के लिए सहयोग कर रहा है।
  • भारतीय प्रधानमंत्री ने अनुदान सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत मॉरीशस को मुहैया कराई गई ‘कोस्ट गार्ड शिप गार्जियन समझौते’ का नवीनीकरण करने का भी निर्णय लिया।

लेखक-राकेश कुमार मिश्रा