‘मिल्की वे’ का हाइड्रोजन मानचित्र

Hydrogen map of the Milky Way

हमारी आकाशगंगा, मिल्की वे को मंदाकिनी भी कहा जाता है, जिसकी आकृति सर्पिलाकार है। प्रत्येक आकाशगंगा में अनुमानतः 100 अरब तारे होते हैं। ब्रह्मांड में अनुमानतः 100 अरब आकाशगंगाएं हैं।

  • हमारी आकाशगंगा, मिल्की वे के, गैस के बादल कहां पर हैं तथा कहां वे जा रहे हैं, इन प्रश्नों के उत्तर को ढूंढ़ते हुए खगोलविदों ने मिल्की वे का हाइड्रोजन मानचित्र तैयार किया है।
  • यह मानचित्र अक्टूबर, 2016 में जारी किया गया।
  • इस मानचित्र को बनाने हेतु, HI4PI सर्वे के तहत, उदासीन हाइड्रोजन परमाणुओं पर यह अध्ययन किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि ब्रह्मांड में हाइड्रोजन सबसे ज्यादा मात्रा में पाई जाती है।
  • यह मानचित्र, जर्मनी में इफिल्सबर्ग 100-मीटर रेडियो टेलीस्कोप, (Effelsberg 100-meter-Radio Telescope) और ऑस्ट्रेलिया में पार्कस 64-मीटर रेडियो टेलीस्कोप (Parkes 64-Meter Radio Telescope) की सहायता से तैयार किया गया है।
  • इस मानचित्र से प्राप्त विवरण से हमें तारों के निर्माण की प्रक्रिया तथा तारों के बीच की गैस (Interstellar Gas) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त होगी।
  • साथ ही हमें यह भी पता चल सकेगा कि हाइड्रोजन गैस, ब्रह्मांड में कितनी मात्रा में प्रकाश का अवशोषण कर सकती है।
  • ध्यातव्य है कि तारों तथा सूर्य का अधिकांश द्रव्यमान हाइड्रोजन से बना है। हाइड्रोजन की परमाणु संख्या 1 होती है। हाइड्रोजन की खोज 1766 ई. में हेनरी कैवेंडिश ने की थी।

लेखक-गोपाल कृष्ण पाण्डेय