भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास भागीदारी निधि

PalestiIndia - United Nations Development Partnership Fundne

वैश्विक परिदृश्य में भारत विकासशील देशों के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में तेजी से उभर रहा है। एक बेहतर विश्व के निर्माण में श्रम शक्ति एवं संसाधनों के रूप में भारत के योगदान को पूरे विश्व में सराहना मिलती है। इस छवि को और अधिक मजबूत बनाने के लिए भारत, संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरणीय, आतंकनिरोध एवं विकासात्मक कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए भारत द्वारा ‘यूएनओएसएससी’ (United Nations Office for South South Co-operation : UNOSSC) के सहयोग से विकासशील देशों में सतत विकास परियोजनाओं के प्रवर्तन हेतु एक निधि की स्थापना की गई है।

  • 8 जून, 2017 को न्यूयॉर्क में विश्व महासागर दिवस के अवसर पर ‘भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास भागीदारी निधि’ (India-UN Development Partnership Fund) का शुभारंभ किया गया।
  • इसका प्रबंधन यूएनओएसएससी (UNOSSC) द्वारा एवं क्रियान्वयन संयुक्त राष्ट्र तंत्र के सहयोग से किया जाएगा।
  • यह पहला अवसर है, जब भारत संयुक्त राष्ट्र के किसी त्रिपक्षीय सहयोग का भागीदार बना है।
  • यह निधि विकासशील देशों में ‘सतत विकास लक्ष्य-2030’ (SDG, 2030) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देने वाली राष्ट्रीय परियोजनाओं का वित्तीयन करेगा।
  • अल्पविकसित एवं छोटे विकासशील द्वीपीय देशों को इस निधि में प्राथमिकता दी जाएगी।
  • ‘प्रशांत द्वीपीय देशों में जलवायु संबंधित पूर्व चेतावनी प्रणाली’ (Climate Early Warning System in Pacific Island Countries) इस निधि द्वारा समर्थित पहली परियोजना है।
  • इस परियोजना का निर्माण भारत एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा प्रशांत क्षेत्र के सात द्वीपीय देशों के सहयोग से किया गया है।
  • ये सात द्वीपीय देश हैं-कुक द्वीप, किरिबाती, नौरू, सोलोमन द्वीप, मार्शल द्वीप, माइक्रोनेशिया संघ और टोंगा द्वीप।
  • इस परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति इन देशों की प्रतिरोधक क्षमता (Resilience to Natural Disasters) में अभिवृद्धि करना है।
  • यह परियोजना इस क्षेत्र में वायुमंडलीय एवं महासागरीय माप-उपकरणों की स्थापना, विशेषज्ञों के प्रशिक्षण, सामुदायिक शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए सहायता प्रदान करेगी।
  • इसमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तत्परता (Preparedness) में वृद्धि के लिए वर्षा, हवा की गति, आर्द्रता और वायुमंडलीय दाब में विविधताओं की माप के लिए उपकरणों की स्थापना की जाएगी।
  • यूएनओएसएससी (UNOSSC)
  • वर्ष 1974 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व में दक्षिण-दक्षिण (South-South) एवं त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक संगठन की स्थापना की गई थी।
  • वर्ष 2012 में इस संगठन को यूएनओएसएससी (UNOSSC) नाम दिया गया।
  • इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क (अमेरिका) में है।

लेखक श्याम सुन्दर यादव