भारत-रूस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भागीदारी के 10 वर्ष

India - Russia 10 years of science and technology participation
  • पृष्ठभूमि
    भारत एवं रूस के मध्य दीर्घकालिक वैज्ञानिक संबंध रहा है। इस संबंध की शुरुआत वर्ष 1972 के भारत तथा सोवियत संघ (USSR) के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समझौते से हुई थी। वर्ष 1987 के उच्चतम स्तर पर वैज्ञानिक सहयोग के ‘एकीकृत दीर्घकालिक कार्यक्रम’ (ILTP) के साथ यह संबंध और अधिक मजबूत हुआ। सोवियत संघ के विघटन के पश्चात भी भारत एवं रूस के मध्य वैज्ञानिक सहयोग बना रहा और वर्ष 1994 में दोनों देशों के मध्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग हेतु एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ष 2007 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और ‘रसियन फेडरेशन ऑफ बेसिक रिसर्च’ (RFBR) के मध्य एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। समझौते के तहत भारत एवं रूस में बुनियादी विज्ञान (Basic Sciences) के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं और द्विपक्षीय विशेषज्ञ बैठकों/सेमिनारों को समर्थन दिया जाना था। वर्ष 2017 में भारत एवं रूस बुनियादी विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग की 10वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
  • बुनियादी विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के 10 वर्ष
  • ‘एकीकृत दीर्घकालिक कार्यक्रम (ILTP)’ की समाप्ति के पश्चात वर्ष 2007 में भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और रसियन फेडरेशन ऑफ बेसिक रिसर्च (RFBR) का ‘बुनियादी विज्ञान कार्यक्रम’ प्रारंभ हुआ।
  • कार्यक्रम से भारतीय वैज्ञानिकों को रूस के अकादमिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
  • विगत 10 वर्षों में भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग एवं रसियन फेडरेशन ऑफ बेसिक रिसर्च (RFBR) ने संयुक्त रूप से 254 अनुसंधान परियोजनाओं को सहयोग प्रदान किया जबकि कुल 870 परियोजनाओं का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था।
  • कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक क्षेत्रों के संबंध में बुनियादी विज्ञान क्षेत्र की जिन परियोजनाओं को समर्थन दिया गया है उनमें शामिल हैं- भौतिकी एवं खगोलशास्त्र (69 परियोजनाएं), रसायन विज्ञान एवं पदार्थ विज्ञान (55 परियोजनाएं) और जीव विज्ञान एवं चिकित्सा विज्ञान (34 परियोजनाएं)।
  • साथ ही कार्यक्रम के तहत पृथ्वी विज्ञान (32 परियोजनाएं, गणित (27 परियोजनाएं), अभियांत्रिकी विज्ञान (23 परियोजनाएं), कंप्यूटर विज्ञान एवं दूरसंचार (14 परियोजनाएं) आदि को भी समर्थन दिया गया।
  • उपर्युक्त परियोजनाओं के अब तक 800 शोध प्रकाशित हो चुके हैं।
  • वर्ष 2016 में इस कार्यक्रम के तहत अंतर विभागीय अनुसंधान को भी शामिल किया गया।
  • अंतर विभागीय अनुसंधान के तहत प्राप्त 52 प्रस्तावों में से 17 प्रस्तावों को संयुक्त रूप से कार्यान्वित करने के लिए चुना गया।
  • हालिया घटनाक्रम
  • 19 जून, 2017 को भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा तीन दिवसीय यात्रा हेतु रूस पहुंचे।
  • यात्रा के दौरान भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और रूस के ‘फाउंडेशन फॉर असिस्टेंस टू स्माल इन्नोवेटिव इंटरप्राइजेज’ (FASIE) के मध्य ‘भारत-रूस एकीकृत प्रौद्योगिकी आकलन और त्वरित व्यवसायिकीकरण कार्यक्रम’ पहल हेतु एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • समझौते का उद्देश्य उद्यमों का सहयोग उपलब्ध कराना है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अभिनव कार्य-कलापों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें।
  • दोनों संस्थानों (DST और FASIE) द्वारा भारत एवं रूस के संगठनों तथा संस्थाओं के मध्य समन्वय स्थापित किया जाएगा जिससे उद्यम और शोध संस्थान संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी सहयोग एवं संयुक्त उद्यम विकसित कर सकें।
  • भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग एवं रसियन साइंस फेडरेशन (RSF) ने सहयोगी अनुसंधान करने हेतु समन्वित प्रतियोगिता पर एक समझौता किया।
  • समझौते के तहत दोनों पक्ष संयुक्त सहयोगी अनुसंधान के लिए प्रतिस्पर्धी ढंग से प्रतिभा संपन्न युवाओं (39 वर्ष से कम) का समर्थन करेंगे।
  • भारत-रूस राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष
  • वर्ष 2017 में भारत एवं रूस राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
  • उल्लेखनीय है कि 13 अप्रैल, 1947 को भारत और तत्कालीन सोवियत संघ के मध्य राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे।
  • अक्टूबर, 2016 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाने पर सहमत हुए थे।
  • राजनयिक संबंधों के 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वर्ष 2017 में वर्ष भर रूस के विभिन्न शहरों में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शन हेतु ‘नमस्ते रसिया’ (Namaste Russia!) कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
  • कार्यक्रम के तहत भारत के विश्व प्रसिद्ध संगीतज्ञ, कलाकार और शास्त्रीय गायक एवं नर्तक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
  • मई, 2017 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में ‘इंडिया वीक’ (India Week) का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय संस्कृति, नृत्य, योग आदि कार्यक्रम प्रदर्शित किए गए।
  • जून, 2017 में सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भारत ‘अतिथि देश’ के रूप में शामिल हुआ।
  • सारांश
    बहुआयामी भारत-रूस संबंधों का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग एक महत्वपूर्ण अंग है। दोनों देशों के मध्य व्यापारिक एवं आर्थिक और रक्षा एवं सामारिक सबंध तो हैं ही, साथ ही इस संबंध को रसायन, औषधियां, उर्वरक, कृषि उत्पादन जैसे क्षेत्रों में बढ़ाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, रोबोट विज्ञान आदि क्षेत्रों में भी सहयोग की असीम संभावनाएं हैं।

लेखक -नीरज ओझा