भारत-रूस द्वितीय परमाणु पनडुब्बी समझौता

India- Russia II nuclear submarine deal

15 अक्टूबर, 2016 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर गोवा में भारत-रूस शिखर वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कई अहम रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। जिसमें एक परमाणु पनडुब्बी का समझौता भी शामिल था।

  • रूसी नौसेना की ओर से भारत को बहुउद्देशीय परियोजना 971 परमाणु पनडुब्बी लीज पर देने को लेकर गोवा में हस्ताक्षर हुआ।
  • भारत एवं रूस के मध्य यह दूसरा परमाणु पनडुब्बी समझौता है, जिसकी कीमत लगभग 2 अरब डॉलर होगी।
  • अकुला-2 श्रेणी की परमाणु पनडुब्बी वर्ष 2020-21 में भारत को मिलने की आशा है।
  • ध्यातव्य है कि अकुला-2 श्रेणी की एक परमाणु पनडुब्बी पहले से ही भारत के पास है, जिसे रूस से मिलने के बाद आईएनएस ‘चक्र’ (जिसे पहले K-152 थेरेपा के नाम से जाना जाता था) का नाम दिया गया था।
  • उल्लेखनीय है कि आईएनएस ‘चक्र’ भारत की प्रथम परमाणु पनडुब्बी है।
  • इसे रूस ने 10 वर्ष की लीज पर दिया था और इसे वर्ष 2012 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • पानी के अंदर 35 नाट (लगभग 65 किमी./प्रति घंटा) की गति से चलने वाली यह पनडुब्बी सबसे कम आवाज करती है।
  • गोवा में भारत और रूस के मध्य 4 स्टील्थ फ्रिगेट्स पर समझौता 3 अरब डॉलर में हुआ, जिसमें से 2 स्टील्थ फ्रिगेट का निर्माण रूस में एवं दो अन्य का भारत में किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि आईएनएस अरिहंत प्रथम स्वदेश निर्मित परमाणु पनडुब्बी है। इसके शीघ्र ही नौसेना में शामिल किए जाने की संभावना है।
  • आईएनएस अरिहंत जमीन, हवा और पानी तीनों से परमाणु हमला करने में सक्षम है।
  • 6 हजार टन वजनी यह पनडुब्बी 3500 किमी. तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत जमीन, हवा और पानी से परमाणु हमले की क्षमता हासिल करने वाला विश्व का छठां देश है। अब तक यह क्षमता पांच देशों-अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस एवं ब्रिटेन के पास थी।

परमाणु पनडुब्बी

  • परमाणु रिएक्टर से संचालित परमाणु पनडुब्बियां असीमित शक्ति वाली और सहनशक्ति में अद्वितीय होती हैं।
  • इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि दुश्मन को महीनों तक पता चले बिना इससे परमाणु हमले की जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।
  • परमाणु पनडुब्बियां दो प्रकार की होती हैं-परमाणु हमला पनडुब्बी (SSN) एवं बैलेस्टिक परमाणु पनडुब्बी (SSBN)।
  • बैलेस्टिक परमाणु पनडुब्बियां (SSBN) विशेष रूप से परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलों को ले जाने में एवं परमाणु हथियारों से हमला करने में सक्षम होती हैं।

लेखक-श्याम कृष्ण मिश्रा