भारत क्यूआर कोड

India qr code
  • एक परिचय
    भारत QR कोड डिजिटल भुगतान की एक प्रणाली है जिसके तहत QR कोड के स्कैन मात्र से भुगतान किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि QR कोड ‘त्वरित प्रतिक्रिया कोड’ (Quick Response Code) का संक्षिप्त रूप है। यह सफेद पृष्ठभूमि में काले चौकोर आकृतियों (बिंदु, वर्ग, बार आदि) का एक कूटबद्ध संकलन होता है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण सूचनाएं (URLs, उत्पाद संबंधी सूचना, व्यक्तिगत विवरण, बैंक खाते का विवरण आदि) दर्ज होती हैं। मशीन (विशेष ऐप की उपस्थिति में स्मार्टफोन से भी) द्वारा स्कैन करने पर इसमें दर्ज सूचनाएं स्वतः ही प्रकट हो जाती हैं। भारत QR कोड दो प्रकार के होते हैं-स्थैतिक एवं गतिशील। स्थैतिक कोड का सृजन अनिश्चित राशि की भुगतान प्राप्ति हेतु किया जाता है। व्यापारियों द्वारा इसे एक बार सृजित कर अपने भुगतान काउंटर पर चिपकाना होता है जिसका स्कैन कर ग्राहक भुगतान करता है। जबकि गतिशील QR कोड निश्चित राशि के भुगतान हेतु अल्पावधि हेतु सृजित किए जाते हैं। सृजन की प्रक्रिया में ही इसमें भुगतान राशि दर्ज कर दी जाती है अतः ग्राहक को दोबारा राशि दर्ज नहीं करनी पड़ती।
  • भारत QR की श्रेष्ठता
    भारत QR से पहले भी QR कोड आधारित भुगतान होते रहे हैं, परंतु इनकी कुछ व्यावहारिक सीमाएं हैं। इनके द्वारा केवल आंतरिक (केवल अपने चैनल में ही) भुगतान ही किया जा सकता है तथा इनमें भुगतान की अधिकतम सीमाएं भी होती हैं। इसके विपरीत भारत सरकार द्वारा जारी भारत QR एक एकल भुगतान प्रणाली है जिसके अंतर्गत वर्तमान में तीन कार्ड प्रदाता कंपनियां (रुपे, वीसा और मास्टर कार्ड) तथा 15 बैंक (एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, सिटी यूनियन बैंक, डीसीबी बैंक, करूर वैश्य बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आरवीएल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, विजया बैंक तथा यस बैंक) जुड़े हैं। अतः अब भुगतान सीधे बैंक से बैंक को हो पाएगा। न ही वॉलेट में धन रखने की आवश्यकता होगी और न ही वॉलेट से धन को बैंक में जमा करने की।
  • महत्व
    भारत QR कोड का महत्व इस बात में है कि इसने डिजिटल भुगतान को तीव्र एवं आसान बना दिया है। अब तक ग्राहक एवं व्यापारी दोनों के लिए डिजिटल भुगतान कमोवेश असुविधाजनक था। जहां एक ओर ग्राहकों को अनेक सूचनाएं भरनी पड़ती थी और उनकी गोपनीय सूचना के खुलने का खतरा भी होता था, तो वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के लिए PoS (स्वाइप मशीन) मशीन लगवाना काफी खर्चीला है। साथ ही कार्ड से भुगतान पर एमडीआर शुल्क भी अदा करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त भुगतान वॉलेट की भी अपनी सीमाएं हैं। भारत QR ने इन समस्याओं का समाधान किया है। अब ग्राहकों को न तो व्यापारियों का विवरण भरने की आवश्यकता है न ही अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड को स्वाइप करने की। अब ग्राहकों को अपने स्मार्टफोन से केवल व्यापारियों के QR कोड को स्कैन कर भुगतान राशि दर्ज करनी होगी। भुगतान सीधे व्यापारी के बैंक खाते में यथा समय हो जाएगा। अर्थात अब न तो कार्ड लेकर चलने की आवश्यकता होगी न ही स्वाइप मशीन की।
  • व्यापारियों को लाभ
  • बिना स्वाइप मशीन के डिजिटल भुगतान की प्राप्ति की सुविधा।
  • व्यापारियों के भुगतान आधार संरचना में निवेश से बचाव।
  • एमडीआर जैसे लेन-देन शुल्क से बचाव।
  • धन का स्थानांतरण सीधे बैंक खाते में।
  • लेन-देन की अधिकतम सीमा की समाप्ति।
  • ग्राहक को लाभ
  • डेबिट कार्ड रहित भुगतान।
  • गोपनीय सूचनाओं के खुलने एवं ठगी के शिकार होने की समस्या का समाधान।
  • ट्रांजेक्शन शुल्क से बचाव।
  • आसान एवं शीघ्र भुगतान।

लेखक -विकास कुमार शुक्ल