भारत का पहला ग्रामीण LED स्ट्रीट लाइटिंग कार्यक्रम

India's first rural street lighting program
  • पृष्ठभूमि
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जनवरी, 2015 को ‘राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम’ (SLNP : Street Light National Programme) का शुभारंभ किया था। इस कार्यक्रम के तहत 100 शहरों में पारंपरिक स्ट्रीट एवं घरेलू लाइट के स्थान पर ऊर्जा दक्ष एलईडी (LED : Light Emitting Diode) बल्ब लगाया जाना है। सरकार का उद्देश्य इस कार्यक्रम के तहत देश भर में 1.34 करोड़ परंपरागत स्ट्रीट लाइट के स्थान पर एलर्ईडी बल्ब लगाना है। भारत सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश में इस कार्यक्रम के तहत देश के पहले ग्रामीण एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग कार्यक्रम का कार्यान्वयन किया जाना है।
  • ग्रामीण एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग कार्यक्रम
  • भारत सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश में ‘ग्रामीण एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग कार्यक्रम’ का कार्यान्वयन किया जाएगा।
  • कार्यक्रम का कार्यान्वयन विद्युत मंत्रालय के तहत ‘ऊर्जा दक्षता सेवाएं लिमिटेड’ (EESL : Energy Efficiency Services Limited) द्वारा किया जाएगा।
  • भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम’ के तहत देश में ग्रामीण एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग की यह पहली परियोजना है।
  • परियोजना के तहत आंध्र प्रदेश के सात जिलों की ग्राम पंचायतों में 10 लाख परंपरागत स्ट्रीट लाइट के स्थान पर ऊर्जा दक्ष एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे।
  • परियोजना के प्रथम चरण के तहत शामिल आंध्र प्रदेश के 7 जिले- गुंटूर, प्रकाशम, नेल्लोर, कुर्नूल, कडपा, अतंतपुर एवं चित्तूर हैं।
  • परियोजना से ग्राम पंचायतों को कुल 147 मिलियन यूनिट वार्षिक बिजली की बचत होगी और 12 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा।
  • परियोजना पर आने वाली कुल पूंजीगत लागत का वित्तपोषण फ्रांसीसी विकास एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
  • परियोजना के तहत ऊर्जा दक्षता सेवाएं लिमिटेड (EESL) द्वारा आगामी 10 वर्षों तक इन ग्राम पंचायतों में वार्षिक रख-रखाव और वारंटी प्रतिस्थापन का कार्य किया जाएगा।
  • अद्यतन स्थिति
  • राष्ट्रीय स्तर पर 21 राज्यों में 23 लाख परंपरागत स्ट्रीट लाइट के स्थान पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई है।
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के 18वें विद्युत ऊर्जा सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय सार्वजनिक लाइटिंग क्षेत्र की अनुमानित ऊर्जा खपत 8478 मिलियन किलोवॉट (MKW) थी।
  • यह खपत निरंतर 7 प्रतिशत की संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर (CAGR : Compound Annual Growth Rate) से बढ़ रही है।
  • इसी परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया था।
  • यह कार्यक्रम 23 राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों में कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • 9 जनवरी, 2017 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व के सबसे बड़े स्ट्रीट लाइट प्रतिस्थापन (Replacement) कार्यक्रम का ‘दक्षिण दिल्ली नगर निगम’ (SDMC) क्षेत्र में उद्घाटन किया।
  • राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम के तहत दक्षिण दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 2 लाख स्ट्रीट लाइट को बदला गया।
  • दक्षिण दिल्ली नगर निगम में इस कार्यक्रम से सकल वार्षिक ऊर्जा बचत 2.65 करोड़ किलोवॉट होगी जिससे 22000 टन ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम होगा।
  • गौरतलब है कि भारत में ऊर्जा दक्षता बाजार 12 बिलियन डॉलर का है जिससे वर्तमान खपत की 20 प्रतिशत ऊर्जा बचत की जा सकती है।
  • निष्कर्ष
  • राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम के तहत परंपरागत स्ट्रीट लाइट के स्थान पर ऊर्जा दक्ष एलईडी बल्ब लगाया जाना है। इससे न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसके अतिरिक्त परंपरागत स्ट्रीट लाइट एवं सीएफएल (CFL : Compact Flourescent Lamp) की तुलना में एलईडी बल्ब का जीवनकाल अधिक होता है जिससे आर्थिक लाभ भी होगा।

लेखक -नीरज ओझा