प्रधानमंत्री वय वंदना योजना

PRADHAN-MANTRI-VAYA-VANDANA-YOJANA

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या लगभग 103.84 मिलियन है और यह भारत की कुल आबादी के 8.58 प्रतिशत है। वर्ष 1951 में इनकी संख्या 19.8 मिलियन थी, जो वर्ष 2001 में बढ़कर 76 मिलियन हो गई थी। अतः स्पष्ट है कि वृद्ध लोगों की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी जारी है, परंतु सच्चाई यह है कि इनकी संख्या में वृद्धि के साथ ही इनसे जुड़ी समस्याओं में भी बढ़ोत्तरियों का होना लाजमी है। साथ ही इन्हें आश्रित जनसंख्या माना जाता है। अतः इनकी समस्याओं को दूर करने हेतु हाल ही में ‘प्रधानमंत्री वय वंदना योजना’ का शुभारंभ किया गया है।

  • केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा 21 जुलाई, 2017 को दिल्ली से ‘प्रधानमंत्री वय वंदना योजना’ (PMVVY) का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
  • ‘प्रधानमंत्री वय वंदना योजना’ भारत सरकार द्वारा घोषित एक पेंशन योजना है, जो केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए।
  • यह योजना 4 मई, 2017 से 3 मई, 2018 तक उपलब्ध रहेगी।
  • इस योजना को संचालन करने का विशेषाधिकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को है।
  • यह योजना 10 वर्ष के लिए 8 प्रतिशत प्रतिवर्ष मासिक देय (8.30 प्रतिशत प्रतिवर्ष प्रभावी के समतुल्य) का निश्चित रिटर्न सुनिश्चित कराती है।
  • योजना की खरीददारी के समय पेंशन द्वारा चुनी गई मासिक/तिमाही/अर्द्धवार्षिक/वार्षिक आवृत्ति के अनुसार, 10 वर्षों की पॉलिसी अवधि के दौरान प्रत्येक अवधि के अंत में पेंशन देय है।
  • 10 वर्षों की पॉलिसी अवधि के अंत तक पेंशनधारक के जीवित रहने पर योजना के क्रय मूल्य के साथ पेंशन की अंतिम किस्त का भुगतान किया जाएगा।
  • इस योजना को सेवा कर और जीएसटी से छूट दी गई है।
  • तीन पॉलिसी वर्ष (नकदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए) के अंत में क्रय मूल्य के 75 प्रतिशत तक ऋण लेने की अनुमति दी जाएगी।
  • ऋण के ब्याज का भुगतान पेंशन की किस्तों से किया जाएगा। और ऋण की वसूली दावा प्रक्रिया से की जाएगी।
  • इस योजना में स्वयं या पति/पत्नी की किसी भी गंभीर/टर्मिनल बीमारी के इलाज के लिए समयपूर्व निकासी की अनुमति भी है।
  • ऐसे समयपूर्व निकासी के मामले में योजना क्रय मूल्य की 98 प्रतिशत राशि वापस की जाएगी।
  • 10 वर्षों की पॉलिसी अवधि के दौरान पेंशनधारक की मृत्यु पर लाभार्थी को क्रय मूल्य का भुगतान किया जाएगा।
  • पेंशन की अधिकतम सीमा एक परिवार के लिए है, परिवार में पेंशनधारक, उसके पति/पत्नी और आश्रित शामिल होंगे।
  • ब्याज की गारंटी के बीच अंतर और अर्जित वास्तविक ब्याज और प्रशासन से संबंधित खर्च के कारण होने वाली कमी के लिए वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा की जाएगी और इसकी निगम को प्रतिपूर्ति की जाएगी।
अवधिन्यूनतम

क्रय मूल्य

अधिकतम

क्रय मूल्य

न्यूनतम

पेंशन राशि

अधिकतम

पेंशन राशि

वार्षिक1,44578/रु.7,22,892/रु.12,000 रु.60,000 रु.
अर्द्धवार्षिक1,47,601/रु.7,38,007/रु.6,000 रु.30,000 रु.
तिमाही1,47,601/रु.745,342/रु.3,000 रु.15,000 रु.
मासिक1,50,000/ रु.7,50,000/ रु.1,000 रु.5,000 रु.

लेखक-प्रभाकांत शुक्ल

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