पर्यावरणीय प्रभाव सर्वेक्षण, 2017

chitale committee report 2017

यूनाइटेड किंगडम (UK) स्थित वित्तीय सेवा वेबसाइट ‘मनी सुपर मार्केट’ (Money Super Market) ने ‘पर्यावरणीय प्रभाव सर्वेक्षण, 2017’ जारी किया है। यह सर्वेक्षण जलवायु पर पड़ने वाले प्रति व्यक्ति प्रभाव पर केंद्रित है। सर्वेक्षण में 102 देशों को रैंकिंग प्रदान की गई है। यह रैंकिंग प्रत्येक देश में औसत व्यक्तिगत मानव प्रभाव बनाने वाले विभिन्न मापनों पर आधारित हैं- ये मापन हैं ऊर्जा उपभोग, वायु प्रदूषण, अपशिष्ट उत्पादन एवं गैर-अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता।

  • जून, 2017 में वित्तीय सेवा वेबसाइट ‘मनी सुपर मार्केट’ द्वारा ‘पर्यावरणीय प्रभाव सर्वेक्षण, 2017’ जारी किया गया।
  • सर्वेक्षण में दक्षिणी अफ्रीकी देश मोजाम्बिक को पहला स्थान प्रदान किया गया है।
  • मोजाम्बिक का न्यूनतम वैश्विक पर्यावरणीय प्रभाव है क्योंकि यह देश ऊर्जा उपभोग के लिए हरित ऊर्जा संसाधनों पर निर्भर है।
  • सर्वेक्षण में शामिल शीर्ष 10 देश हैं- मोजाम्बिक, इथिओपिया, जाम्बिया, लाटविया, केन्या, अल्बानिया, घाना, ताजिकिस्तान, नेपाल एवं कोलंबिया।
  • न्यूनतम वैश्विक पर्यावरणीय प्रभाव वाले शीर्ष 10 देशों में से 7 अफ्रीकी देश हैं।
  • सर्वेक्षण में सबसे अंतिम स्थान पर त्रिनिदाद एवं टोबैगो (102वां) है।
  • त्रिनिदाद एवं टोबैगो में हरित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग नगण्य है।
  • सर्वेक्षण में सर्वाधिक पर्यावरणीय प्रभाव वाले त्रिनिदाद एवं टोबैगो के अतिरिक्त अन्य देशों का स्थान है। संयुक्त राज्य अमेरिका (101वां), श्रीलंका (100वां), आयरलैंड (99वां), कनाडा (98वां), चीन (97वां), ऑस्ट्रेलिया (96वां), दक्षिण अफ्रीका (95वां) आदि।
  • सर्वेक्षण में भारत को 75वां स्थान मिला है।
  • भारत के कुल ऊर्जा उपभोग में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 15.2 प्रतिशत है।
  • भारत में मात्र 2.2 प्रतिशत अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण हो पाता है।
  • भारत में प्रतिदिन 0.34 किग्रा. प्रति व्यक्ति नगरपालिकीय अपशिष्ट का उत्पादन होता है।

लेखक-नीरज ओझा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.