तृतीय द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2017-18

Third Quarterly Monetary Policy Statement, 2017-18

मौद्रिक नीति वह उपकरण है जिसके माध्यम से केंद्रीय बैंक तरलता तथा साख सृजन को नियंत्रित कर अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता को बनाए रखने तथा उच्च विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करता है। भारतीय संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) वह प्राधिकृत संस्था है जो अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता हेतु मौद्रिक नीति का प्रयोग करती है। वर्तमान में मौद्रिक नीति निर्माण का कार्य ‘मौद्रिक नीति समिति’ (Monetary Policy Committee : MPC) द्वारा किया जाता है। स्मरणीय है कि 6 सदस्यीय समिति का गठन ब्याज दर निर्धारण एवं नीति निर्माण को अधिक उपयोगी एवं पारदर्शी बनाने के लिए जून, 2016 में किया गया था।

    • 2 अगस्त, 2017 को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली ‘मौद्रिक नीति समिति’ (Monetary Policy Committee : MPC) ने ‘तृतीय द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2017-18′ (Third  Bi-Monthly Monetary Policy Statement, 2017-18) जारी किया।
    • मौद्रिक नीति समिति द्वारा जारी वर्तमान मौद्रिक नीति वक्तव्य वित्तीय वर्ष 2017-18 की तृतीय तथा कुल छठवीं मौद्रिक नीति है।
    • मौद्रिक नीति समिति द्वारा जारी नीतिगत दरें निम्न हैं-

Third Monetary Policy

  • मौद्रिक नीति समिति द्वारा घोषित तृतीय द्वैमासिक मौद्रिक नीति में ‘चलनिधि समायोजन सुविधा’ (LAF) के अंतर्गत रेपो दर (Repo Rate), रिवर्स रेपो दर (Re-RepoRate), बैंक दर (Bank Rate) तथा एमएसएफ दर (MSF Rate) में .25 प्रतिशत की कमी की गई है।
  • आरक्षित अनुपातों सीआरआर (CRR) तथा एसएलआर (SLR) में कोई परिवर्तन न करते हुए इसे पूर्व स्तर पर ही 4 प्रतिशत एवं 20 प्रतिशत पर ही बनाए रखा गया है।
  • वर्ष 2017-18 के लिए वास्तविक जीवीए (GVA) वृद्धि का अनुमान समान रूप से संतुलित जोखिम के साथ 7.3 प्रतिशत अनुमानित है।
  • द्वितीय द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2017-18 में यह अनुमान व्यक्त किया गया था कि वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में हेडलाइन मुद्रास्फीति (Headline Intlation) 2.0-3.5 प्रतिशत की सीमा में और दूसरे छमाही में 3.5-4.5 प्रतिशत की सीमा में रहेगी।
  • 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति के सदस्य डॉ. चेतन घाटे, डॉ. पामी दुआ, डॉ. विरल वी. आचार्य और डॉ. उर्जित पटेल मौद्रिक नीति के फैसले के पक्ष में थे।
  • जबकि डॉ. रवींद्र एच ढोलकिया ने नीतिगत दर में .50 प्रतिशत की कमी के लिए मतदान किया। डॉ. माइकल देवब्रत पात्रा ने यथास्थिति के लिए मतदान किया।
  • एमपीसी की अगली बैठक 3-4 अक्टूबर, 2017 के मध्य तय की गई है।

लेखक-शिव शंकर तिवारी