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डीएनए सूचकांक प्रणाली का शुभारंभ

DNA Index System launched
  • कहां?
    20 अगस्त, 2016 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने डीएनए प्रोफाइलिंग प्रणाली का शुभारंभ किया।
  • डीएनए सूचकांक प्रणाली प्रारंभ करने वाला आंध्र प्रदेश भारत का पहला राज्य है।
  • उद्देश्य
    डीएनए सूचकांक प्रणाली के तहत डीएनए प्रोफाइलिंग तकनीक के उपयोग द्वारा आंध्र प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण करना।
  • विशेषताएं
  • डीएनए प्रोफाइलिंग अपराधों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • डीएनए सूचकांक प्रणाली में नवीनतम तकनीक Rapid HIT DNA प्रणाली का उपयोग किया गया है, जिसको अमेरिका की ‘इंटेजन एक्स इंक’ (Integen X Inc. USA) द्वारा विकसित किया गया है।
  • Rapid HIT DNA प्रणाली खून के धब्बे अथवा लार के नमूने द्वारा डीएनए प्रोफाइल को निर्मित करती है।
  • इस प्रणाली का उपयोग करके दो घंटे के भीतर ही डीएनए प्रोफाइल बनाई जा सकती है।
  • क्या है डीएनए प्रोफाइलिंग?
  • डीएनए प्रोफाइलिंग किसी व्यक्ति के पहचान की एक फोरेंसिक तकनीक है।\
  • डीएनए प्रोफाइलिंग एक संवेदनशील तकनीक है, जिसके लिए जैविकीय नमूनों जैसे त्वचा की कुछ कोशिकाओं, बाल का एक टुकड़ा, रक्त या लार की कुछ बूंदें ही पर्याप्त होती हैं।
  • डीएनए सैंपल के आधार पर डीएनए प्रोफाइल बनाई जाती है।
  • 99.9 प्रतिशत डीएनए अनुक्रम सभी व्यक्तियों में एक जैसा होता है। केवल 0.1 प्रतिशत अंतर के कारण प्रत्येक व्यक्ति का डीएनए एक-दूसरे से अलग होता है।
  • डीएनए का पूरा नाम डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड (Deoxyribonucleic Acid) है।
  • डीएनए प्रोफाइलिंग की आधुनिक प्रक्रिया का विकास वर्ष 1985 में ब्रिटिश वैज्ञानिक एलेक जेफ्रीज ने किया था।
  • डीएनए प्रोफाइलिंग से लाभ
  • पेशेवर अपराधियों को पहचानने में मदद।
  • अपराध की जगह से लिए नमूनों की प्रोफाइल का मिलान वर्षों बाद पकड़े गए अपराधी के नमूनों से करना संभव।
  • दुर्घटना या आपदा पीड़ितों अथवा लापता लोगों की पहचान के लिए।
  • पितृत्व अथवा मातृत्व पहचान में मदद।
  • आशंकाएं
    किसी व्यक्ति की निजी जानकारी, खासतौर पर आनुवांशिक जानकारी को एकत्रित करने से निजता में दखल का खतरा।
  • अन्य संबंधित तथ्य
  • डीएनए प्रोफाइलिंग को लेकर कानून बनाने की बात भारत में सर्वप्रथम वर्ष 2003 में शुरू हुई थी।
  • मानव शरीर के तत्वों के DNA विश्लेषण के प्रयोग को विनियमित करने तथा प्रयोगशालाओं एवं मानव शरीर के तत्वों के संग्रहण आदि हेतु मानकों के निर्माण के लिए DNA प्रोफाइलिंग बोर्ड की स्थापना के उद्देश्य से ह्यूमन प्रोफाइलिंग बिल (The Human Profiling Bill, 2015) का मसौदा तैयार किया गया है।
  • इस विधेयक में एक राष्ट्रीय DNA डाटा बैंक की स्थापना का प्रावधान भी किया गया है।

लेखक-श्याम कृष्ण मिश्रा