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चीन द्वारा एक्सपीएनएवी प्रथम (XPNAV-I) का प्रक्षेपण

China XPNAV-1 launches

9 नवंबर, 2016 को चीन ने एक प्रायोगिक एक्स-रे पल्सर नेवीगेशन सैटेलाइट (XPNAV-I) का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।

  • यह विश्व का पहला पल्सर नेवीगेशन सैटेलाइट है।
  • इस सैटेलाइट को ठोस-ईंधन आधारित चार चरण वाले रॉकेट लांग मार्च-II (Long March-II) द्वारा जिक्वान सैटेलाइट लांच सेंटर से प्रक्षेपित किया गया।
    यह लांग मार्च की 239वीं उड़ान थी।
  • XPNAV-I उपग्रह का वजन 200 किग्रा. है।
  • इस उपग्रह को 500 किमी. की ऊंचाई पर 97o झुकाव के साथ सूर्य तुल्यांकी कक्षा में स्थापित किया गया है।
  • सूर्य तुल्यांकी कक्षा (Sun Synchronus Orbit) ध्रुवीय कक्षा का एक विशेष रूप है। इसमें स्थापित उपग्रह किसी विशेष बिंदु से गुजरते समय प्रत्येक बार एक निश्चित स्थानिक समय पर ही गुजरते हैं।
  • XPNAV-I उपग्रह में दो पल्सर संसूचक (Detectors) लगे हैं।
  • यह उपग्रह पल्सर संसूचकों के माध्यम से अंतःकक्षीय प्रयोग के द्वारा स्वायत्त अंतरिक्षयान नेवीगेशन (Autonomous Spacecraft Navigation) में नई तकनीक का प्रदर्शन करेगा।
  • यह उपग्रह ब्रह्मांड के कोलाहल के प्रति संसूचकों के कार्यात्मकता के परीक्षण के साथ ही पल्सर नेवीगेशन के लिए डेटाबेस भी तैयार करेगा।
  • पल्सर, उच्च चुंबकत्व वाले तीव्र गति से घूर्णन करते हुए न्यूट्रॉन तारे हैं, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों का उत्सर्जन करते रहते हैं।
  • एक्स-रे पल्सर नेवीगेशन एक नई तकनीक है जो विस्तृत ब्रह्मांड में अंतरिक्षयानों की स्थिति निर्धारण करने के लिए पल्सरों द्वारा उत्सर्जित एक्स किरणों (X-rays) का प्रयोग करती है।
  • वर्तमान रेडियो-आधारित तकनीक के द्वारा अंतरिक्षयानों की स्थिति निर्धारण में अत्यधिक दूरी के कारण समय-अंतराल (Time-Delay) की समस्या उत्पन्न होती है।
  • नई तकनीक अधिक तेजी से अंतरिक्षयानों की स्थिति का निर्धारण करने के साथ ही भौमिक अवसंरचना पर निर्भरता को भी कम करेगी।
  • वर्ष 2017 में नासा द्वारा 56 एक्स-रे संसूचकों के साथ SEXTANT-(Station Explorer for X-ray Timing and Navigation Technology) उपग्रह भेजने की योजना है।

लेखक-श्याम सुन्दर यादव