ग्लोबल 300 रैंकिंग

forbes global 2000 list 2017

संपत्ति (Property) परामर्शदाता कंपनी जेएलएल (JLL) द्वारा प्रति वर्ष ‘ग्लोबल 300 रैंकिंग’ जारी की जाती है। इस रैंकिंग में विश्व के 300 प्रमुख शहरों को शामिल किया जाता है। यह शहर व्यावसायिक गतिविधि के प्रमुख केंद्र हैं। इसके अलावा ये शहर वैश्विक अर्थव्यवस्था के 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक रियल एस्टेट निवेश का तीन-चौथाई प्राप्त करते हैं।

  • मई, 2017 में जेएलएल (JLL) द्वारा विश्व के 300 प्रमुख शहरों की वार्षिक ‘ग्लोबल 300 रैंकिंग’ जारी की गई।
  • इस रैंकिंग में भारत के नौ शहरों को शामिल किया गया है जो हैं- मुंबई, दिल्ली, बंगलुरू, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे एवं सूरत।
  • दिल्ली एवं मुंबई को ‘ग्लोबल टॉप 30’ (Global Top 30) में शामिल किया गया है।
  • बंगलुरू, चेन्नई एवं कोलकाता को ‘ग्लोबल टॉप 100’ में शामिल किया गया है।
  • सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के संबंध में दुनिया के 20 बड़े शहरों में मुंबई 17वें स्थान पर है।
  • दिल्ली सकल घरेलू उत्पाद के संबंध में 22वें स्थान पर है।
  • मुंबई एवं दिल्ली दोनों शहरों का सकल घरेलू उत्पाद 400 बिलियन डॉलर से अधिक है।
  • एशिया के बड़े शहरों में मुंबई एवं दिल्ली क्रमशः 5वें एवं 6वें स्थान पर है जबकि पहले चार स्थान पर हैं- टोक्यो, शंघाई, सियोल एवं जकार्ता।
  • सकल घरेलू उत्पाद के संबंध में भारत के शेष 7 शहर हैं- कोलकाता (63वां), बंगलुरू (75वां), चेन्नई (81वां), अहमदाबाद (92वां), सूरत (111वां), पुणे (116वां) और हैदराबाद (147वां)।
  • प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP Per Capita) के संबंध में अपनी अधिक जनसंख्या के कारण मुंबई एवं दिल्ली विश्व के अन्य प्रमुख शहरों से पीछे हैं।
  • मुंबई एवं दिल्ली प्रति व्यक्ति आय के संबंध में शंघाई, बीजिंग एवं सियोल से पीछे हैं।
  • अमेरिकी शहरों एवं सिंगापुर का प्रति व्यक्ति आय मुंबई एवं दिल्ली की तुलना में तीन से चार गुना अधिक है।
  • मुंबई कॉर्पोरेट उपस्थिति (Corporate Presence) के संबंध में सैन फ्रांसिस्को, शंघाई, सिडनी, सिंगापुर, वाशिंगटन, अटलांटा, टोरंटो आदि से आगे है।
  • इस संबंध में दिल्ली भी ग्वांगझाऊ एवं फ्रैंकफर्ट से आगे है।
  • उल्लेखनीय है कि कॉर्पोरेट उपस्थिति ‘फोर्ब्स 2000 सूची’ में शामिल कंपनियों के मुख्यालय की संख्या पर आधारित है।
  • विगत पांच वर्षों में मुंबई में 1.7 बिलियन डॉलर का रियल एस्टेट निवेश हुआ जबकि दिल्ली में 0.6 बिलियन डॉलर का रियल एस्टेट निवेश हुआ।

लेखक-नीरज ओझा